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http://scstwelfare.bih.nic.in/schemes.htm

SC AND ST WELFARE DEPARTMENT AND SCHOLARHIP SCHEMES

अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाएँ
  • आवासीय विद्यालय
    अनुसूचित जातियों के छात्र/छात्राओं के लिए 51 एवं अनुसूचित जन जातियों के छात्रों के लिये 15 आवासीय विद्यालय संचालित है जिनमें क्रमश: 10696 अनुसूचित जाति के छात्र/छात्राओं एवं 2512 अनुसूचित जनजाति के छात्रों की शिक्षा की व्यवस्था है।
  • छात्रवृत्ति
    • महाविद्यालयों में छात्रवृत्ति- महाविद्यालयों में पढ़ने वाले अनुसूचित जातियों, अनूसूचित जनजातियों एवं अन्य पिछड़े वर्गों के छात्र/छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान करने की योजना गैर योजना, योजना तथा केन्द्र प्रायोजित योजना के तहत् संचालित है। इस योजना के तहत् सरकार के नियमों के तहत् मान्यताप्राप्त महाविद्यालय/विश्वविद्यालय/ संस्थान में अध्यनरत छात्र/छात्रा को केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित नियमों एवं दरों के अनुरूप छात्रवृत्ति दिये जाने का प्रावधान है। इस योजना के तहत् सम्बंधित दिशा-निदेश केन्द्र सरकार के वेबसाईट http://Socialjustice.nic.in पर देखा जा सकता है।
       
    • विद्यालय छात्रवृत्ति
      राज्य के सरकारी विद्यालयों में वर्ग - 1 से 10 तक में अघ्यनरत अनुसूचितजाति एवं अनुसूचित जनजाति के छात्र/छात्राओं को विद्यालय छात्रवृति प्रदान किया जाता है। दिवाकालीन वर्ग-1 से 4 तक प्रति माह 15/- रू0, वर्ग-5 से 6 तक प्रतिमाह 30/- रू0 एवं वर्ग 7 से 10 तक प्रतिमाह 55/- रू0 के दर से छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। वर्ग-1 से 10 तक छात्रावासी छात्र/छात्रा को प्रतिमाह 80/- के दर से छात्रवृत्ति दिये जाने का प्रावधान है।
       
    • प्रावैधिकी छात्रवृत्ति -इस योजना के तहत् अनु0जाति एवं अनु0जनजाति के वैसे छात्र/छात्रा जो राज्य सरकार द्वारा मान्यताप्राप्त संस्थानों में टाईपिंग/ आशुलिपि/ कम्पयुटर का प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं उन्हें प्रत्येक माह 150/- रू0 के दर से दिये जाने का प्रावधान है।
       
    • मुख्यमन्त्री अनु0 जाति एवं अनु0 जनजाति मेधा वृत्ति योजना :-अनु0 जाति एवं अनु0 जनजाति के वैसे छात्र/छात्रा जो बिहार विधालय समिति से दसवीं की परीक्षा प्रथम श्रेणी से उत्तीण होंगे, उन्हें मुख्यमन्त्री अनु0 जाति एवं अनु0 जनजाति मेधा वृत्ति योजना के तहत् 10000.00 रू0 देने की योजना 2008-09 से प्रारंभ की गई है। वर्ष 2008-09 में 4532 अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के छात्र/छात्राओं के लिए राशि स्वीकृत की गई है।
       
    • अस्वच्छ कार्यो में लगे व्यक्तियों के बच्चों को प्री-मैट्रिक छात्रवृति- यह केन्द्र प्रायोजित योजना एवं गैर योजना दोनों मदों से संचालित है। केन्द्र प्रायोजित योजना के अन्तर्गत 100 प्रतिशत राशि (दिनांक-1/4/2008 से) भारत सरकार द्वारा वहन किया जाता है। इस योजना का उदेश्य शौचालय की सफाई करने वालों,चर्मशोधन करने वालों,चमडा उधाड़ने वालों तथा सफाई कार्य से परम्परागत रूप से जुडे़ सफाई कर्मचारियों के बच्चों को मैट्रीक पूर्व शिक्षार्जन हेतु वित्तीय सहायता प्रदान करना है।
       
    • मुशहर एवं भुईंया जाति के बच्चों को छात्रवृति- अनु0जाति एवं अनु0 जनजाति कल्याण विभाग द्वारा मुसहर जाति के लोगों में शिक्षा के प्रसार हेतु विशेष कार्यक्रम 1992-93 से शुरू किया गया है। इनके बच्चे विद्यालयों में शिक्षा ग्रहण करने जांय, इसके लिये विशेष प्रोत्साहन का भी प्रयास किया गया है जिसके अन्तर्गत मुसहर जाति के छात्र/छात्राओं को विद्यालय जाने पर 1 रूपये प्रति उपस्थिति दिवस (30/- प्रतिमाह) वर्ग 1 से 6 के लिये प्रावधान किया गया है ताकि वे छात्र/छात्राएं इससे प्रोत्साहित होकर विद्यालय जायं और बीच में ही वे विद्यालय न छोड़ें । वर्ष 2009-10 से भूंइयां जाति को भी इस योजना में सम्मिलित किया गया है।
       
    • स्पोर्टस छात्रवृति की योजना- अनु0जाति एवं अनु0जनजाति के लड़के-लड़कियॉ खेल-कूद में काफी रुचि लेते है, लेकिन समुचित व्वयस्था एवं समुचित प्रोत्साहन के अभाव में उन्हें खेल-कुद प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर नहों मिल पाता है। इस योजना के तहत् बच्चों को विशेष प्रशिक्षण दिये जाने का प्रावधान है।
  • पुस्तक अधिकोष
    मेडिकल एवं इंजीनियरिंग कॉलेजों में पढने वाले अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जन-जातियों के छात्रों के लिये राज्य के मेडिकल कॉलेजों, इंजीनियरिंग कॉलेजों, पॉलीटेकनिक, पशु चिकित्सा महाविद्यालयों, कृषि महाविद्यालयों, प्राक परीक्षा प्रशिक्षण केन्द्रों में पुस्तक अधिकोष की स्थापना की गई है। इन अधिकोषों के माघ्यम से दो छात्रों पर एक सेट कोर्स की पुस्तके उपलब्ध करायी जाती है।
  • छात्रावास योजना
    अनु0जाति एवं अनु0 जनजाति कल्याण विभाग द्वारा अनुसूचित जातियों एवं अनुसूचित जनजातियों के छात्र/छात्राओं के लिये छात्रावास संचालित हैं। इन छात्रावासों में रहने वाले छात्रों को उपस्कर, रसोइया सह सेवक की सेवायें, रोशनी, बर्तन इत्यादि सुविधायें सरकारी खर्च पर उपलब्ध कराई जाती है। प्रत्येक छात्रावास में एक छात्रावास अधीक्षक भी होते हैं जिन्हें सरकार द्वारा मानदेय के रुप में अधीक्षण भत्ता दिया जाता है और जिन पर छात्रावास के सुसंचालन का उत्तरदायित्व रहता है।
  • प्राक् परीक्षा प्रशिक्षण केन्द्र
    - अनुसूचित जाति के छात्रों को संघ लोक सेवा आयोग एंव बिहार लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में सफल होने के लिये उन्हें प्रशिक्षण देने हेतु पटना,भागलपुर एंव दरभंगा विश्वविद्यालयों के तत्वावधान में एक-एक प्राक् परीक्षा प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना की गई है। इसके अतिरिक्त अनु0जनजाति के लिए कटिहार में भी केन्द्र स्थापित किये गये है। इन केन्द्रों में प्रशिक्षण पाने वाले छात्रों को 125/- रू0 से 700/- रू0 तक प्रति माह की दर से छात्रवृत्ति स्वीकृति का प्रावधान है। प्री-मेडिकल एंव प्री-इंजीनियरिंग एडमीशन टेस्ट के लिये भी तैयारी के लिये प्रशिक्षण के कार्यक्रम का प्रावधान है । बिहार लोक सेवा आयोग सहायक ग्रेड, आशुलिपिक, लिपिक ग्रेड, अंकेक्षण लेखा निरीक्षक, आयकर निरीक्षक आदि की परीक्षा में सफलीभूत होने के लिये प्रशिक्षण दिया जाता है।
  • आयुर्वेदिक चिकित्सालय-इस विभाग के अन्तर्गत अनु0जनजाति के लिए 10 आयुर्वेदिक चिकित्सालय स्वीकृत है। प्रत्येक चिकित्सालय में एक वैद्य तथा एक वैद्य सहायक का प्रावधान है। इनमें से 4 केन्द्रों में 5-5 अन्त: वासी रोगियों की चिकित्सा का प्रावधान है।
  • व्यवसायिक प्रशिक्षण -अनु0 जाति के व्यक्तियों को विभिन्न व्यवसाय में प्रशिक्षण देकर रोजगार देने हेतु यह योजना प्रारंभ की गई है। इस योजना के तहत रोजगार उन्मुखी प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाये जायेंगे।
  • मेरिट उन्नयन योजना (के0प्रा0यो0)-इस योजना के तहत् केन्द्र सरकार द्वारा अनु0जाति के वर्ग 9 से 12 कक्षा के छात्र/छात्रा को विशेष कोचिंग उपलब्ध कराने हेतु राशि उपलब्ध कराई जाती है। इस योजना के तहत् प्रति लाभुक 15,000/- रू0 व्यय करने का प्रावधान है।
  • शोध कार्य-राज्य अनु0जनजातियों पर उनके आर्थिक, सामाजिक, सास्कृतिक विषयों पर शोध करने हेतु यह योजना प्रारंभ की गई है। इस योजना के तहत् शोध कार्य किये जाने से उनके उत्थान हेतु विशेष ध्यान दिया जा सकेगा।
  • सेमीनार-विभागीय योजनाओं के कार्यान्वयन एवं इसमें उत्पन्न कठिनाईयों के निराकरण हेतु यह आवश्यक है कि विभागीय क्षेत्रीय पदाधिकारियों एवं अन्य क्षेत्र के व्यक्तियों के साथ गोष्ठि/सेमिनार का आयोजना किया जाये। साथही विभिन्न प्रकार के सूचना तन्त्र के माध्यम यथा लीफलेट,होर्डिग के माध्यम से योजनाओं के सम्बंध में सूचना लाभूको को दी जाये। इन कार्यों के लिए यह योजना ली गई है।
  • वैधिक सहायता-अनुसूचित जतियों को अन्तरित जमीन की वापसी,दीवानी,फौजदारी एवं राजस्व सम्बंधी मुकदमे लड़ने हेतु आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। उसी प्रकार दीवानी,फैाजदारी तथा राजस्व मूकदमों में फंसे अनुसूचित जाति के सदस्यों को भी गैर-अनुसूचित जाति के सदस्य से मुकदमा लड़ने हेतु वैधिक सहायता प्रदान की जाती है।
  • अनुसूचित जाति उप-योजना के तहत् विशेष केन्द्रीय सहायता -अनुसूचित जाति के व्यक्तियों के आर्थिक उत्थान हेतु केन्द्र सरकार द्वारा प्रति वर्ष विशेष केन्द्रीय सहायता मद में राशि विमुक्त की जाती है। इसके साथ-साथ राज्य सरकार द्वारा राज्य योजना से 5 प्रतिशत अतिरिक्त अनुदान प्रदान किया जाता है।
  • थारू अनु0जनजाति विकास-बिहार में थारू जाति को अनुसूचित जनजाति में वर्ष 2003 में सम्मिलित किया गया है। इस थारू जनजाति के विकास के लिए विशेष रूप से मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है। वर्ष 2008-09 में ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना के लिए कुल 125 करोड़ रू0 की योजना की स्वीकृति दी गई है। इसके तहत् मुख्य रूप से पश्चिम चम्पारण जिला के अनुसूचित जनजाति के लिए 5 बालक एवं 5 बालिका आवासीय उच्च विद्यालय स्थापना की स्वीकृति दी गई है। इसके साथ-साथ समेकित थरूहट विकास अभिकरण की स्थापना पश्चिम चम्पारण (बेतिया) जिला में की गई है ।
  • अनुसूचित जाति उप योजना-राज्य योजना/केन्द्रीय योजना के प्रत्येक प्रक्षेत्र हेतु जो भी भौतिक लक्ष्य निधारित है, उसका एक निर्धारित अंश से अनुसूचित जाति के सदस्यों को लाभ पहुंचाया जाता है और उसे अलग किये गये अंश का उपभोग मात्र अनुसूचित जाति के सदस्यों के कल्याण पर ही किया जाता है।इसके लिये सामान्य विकास प्रक्षेत्रों में ऐसे ही योजनाओं का चयन किया जाता है, जो अनुसूचित जातियों के लिए लाभकारी हो। विशेष अंगीभूत योजना का लक्ष्य अनुसूचित जातियों के परिवारों को हर दृष्टि से कुशल एवं दक्ष बनाना है, ताकि उनकी आय में वृद्वि हो के और वे गरीबी रेखा से उपर उठ सके। विशेष अंगीभुत योजना के कार्यान्वयन हेतु राज्य के विकास के विभिन्न विभागों द्वारा राशि कर्णाकित की जाती है और उनके द्वारा ही अनुसूचित जाति के परिवारों को लाभ पहुंचाने के उदद्श्य से विशेष अंगीभूत योजना का कार्यान्वयन किया जाता है।
  • अनुसूचित जनजाति उप योजना- राज्य योजना/केन्द्रीय योजना के प्रत्येक प्रक्षेत्र हेतु जो भी भौतिक लक्ष्य निधारित है, उसका एक निर्धारित अंश जो अनु0जनजाति के जनसंख्या के प्रतिशत के अनुसार अनुसूचित जनजाति उप योजना के लिए कर्णांकित किया जाता है।
  • बालिकाओं को पोशाक आपूर्ति-वर्ग 1 एवं 2 तक के सभी सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाली अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति की छात्राओं को प्रतिवर्ष 250 रुपये प्रति सेट की दर से दो सेट पोशाक की आपूर्ति की जाती है। प्राथमिकता के आधार पर सर्वप्रथम ऐसी छात्राओं को पोशाक की आपूर्ति की जाती है जिन्हें छात्रवृतियॉ या अन्य प्रकार की आर्थिक सहायता प्राप्त नहों है।
  • परीक्षा शुल्क की प्रतिपूर्ति-अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के छात्र/छात्रा को विद्यालय परीक्षा समिति की वार्षिक परीक्षा के लिये परीक्षा शुल्क की प्रतिपूर्ति अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग द्वारा की जाती है।
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